| |
शिक्षाशास्त्री, भाषाशास्त्री, पत्रकार, साहित्यकार, चिंतक, दार्शनिक, सांसद, महात्मा गांधी तथा गुरुदेव रवीन्द्रनाथ टैगोर के दर्शन के भाष्यकार और सर्वधर्मसमभाव के प्रणेता आचार्य काकासाहेब कालेलकर (दत्तात्रेय बालकृष्ण कालेलकर) का जन्म 1 दिसम्बर, १८८५ सातारा, महाराष्ट्र में हुआ। उन्होंने राष्ट्रीय सार्वजनिक जीवन के विविध क्षेत्रों में सतत ७५ वर्षो तक रचनात्मक योगदान किया । फर्ग्युसन कॉलेज से १९०७ में उन्होंने बी. ए. की परीक्षा पास की । कुछ समय बेलगाँव की एक राष्ट्रीय शिक्षा संस्था में काम किया । फिर पिताजी के आग्रह के कारण बम्बई जाकर कानून का अध्ययन करने लगे । उसी समय लोकमान्य तिलक की प्रेरणा से बम्बई से ‘राष्ट्रमत’ नामक दैनिक-पत्र का प्रकाशन राष्ट्रीय विचारों के प्रचार के लिए शुरु हुआ, जिसके संपादक-मंडल में काकासाहेब सम्मिलित हुए । कुछ ही समय बाद सरकार के क्रोध के कारण वह पत्र बंद हो गया । इसी समय काकासाहेब ने मराठी में स्वामी रामतीर्थ की जीवनी लिखी जो उनकी पहली पुस्तक है । तबसे लेकर आज तक काकासाहेब की लिखी मराठी में २९, गुजराती में ६९, हिन्दी में ९८ और अंग्रेजी में १२ पुस्तकें प्रकाशित हो चुकी हैं ।
|
|